कीच लगी ब्रज खिरक की
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 25 of 229
ब्रज ब्रह्माचल शिखर पै, सुन्दर प्यारी ठाम।
जहाँ लाड़िली सखीन संग, विहरत आठों याम॥
- ब्रज के दोहे
ब्रज ब्रह्मचल शिखर, सुन्दर सुरम्य स्थान। जहाँ नारी अपनी बहन से झगड़ती है, आठों गाड़ियाँ फिरती हैं... -ब्रज के दोहे