कीच लगी ब्रज खिरक की

Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे

Verse 24 of 229

ब्रजभूमि मोहनी, जा चौरासी कोस। श्रद्धा सहित पगधरे, पाप सब कर खौय॥ - ब्रज के दोहे ब्रजभूमि मोहिनी, चले चौरासी कोस। श्रद्धा से पगड़ी पहनो, सारे पाप करो... - braj ke dohe
कीच लगी ब्रज खिरक कीकीच लगी ब्रज खिरक की