कीच लगी ब्रज खिरक की

Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे

Verse 59 of 229

गोरे मुख पै तिल बन्यों, ताहि करूँ मैं प्रणाम। मानों चन्द बिछायकें, पौढे सालगराम॥ - ब्रज के दोहे मैं सफ़ेद चेहरे और तिलों के साथ आपका स्वागत करता हूँ। मन में कुछ पौधे फैलाओ, सालगराम रोपो.. -ब्रज के दोहे
कीच लगी ब्रज खिरक कीकीच लगी ब्रज खिरक की