कीच लगी ब्रज खिरक की
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 64 of 229
हे राधा रानी सदा, करहुं कृपा की कोर।
कबहु तुम्हारे संग में, देखूं नंदकिशोर॥
- ब्रज के दोहे
हे राधा रानी, आपकी कृपा सदैव मुझ पर बनी रहे। मैं तुम्हें अपने साथ कब देखूंगा, नंदकिशोर? -ब्रज के दोहे