कीच लगी ब्रज खिरक की
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 77 of 229
जामें रस सोई हरौ, यह जानत सब कोय।
गौर श्याम दोऊ रंग बिनु, हरौ रंग नहिं होय॥
- ब्रज के दोहे
सभी जानते हैं कि जैम में रस होता है। गौर श्याम दोउ रंग बिनु, हरौ रंग नहीं होय.. -ब्रज के दोहे
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 77 of 229