कीच लगी ब्रज खिरक की

Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे

Verse 78 of 229

जमुना जल अँचवन करै, जमुना जल में नहाहि। जहाँ जहाँ जमुना बहै, तहाँ तहाँ जम नाहीं॥ - ब्रज के दोहे अंचवन यमुना जल से बनता है, यमुना जल से नहीं। जहां नदी बहती है, वहां पानी नहीं... -ब्रज के दोहे
कीच लगी ब्रज खिरक कीकीच लगी ब्रज खिरक की