कीच लगी ब्रज खिरक की

Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे

Verse 98 of 229

कहा करौं ऊपर निरखि, वृथा गवाऊँ शक्ति। जब श्री चरणन ही मिलै, मोही अनूठी भक्ति॥ - ब्रज के दोहे उपरोक्त के बारे में मैं क्या कह सकता हूं, मैं अपनी ऊर्जा बर्बाद कर दूंगा। जब मैं श्री चरण से मिलता हूं तो भक्ति से मंत्रमुग्ध हो जाता हूं.. - braj ke dohe
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