नवल कुंज नवनागरी, नव नागर नंदनन्द
Braj Vilasa — श्री ब्रजवासीदास
Verse 20 of 21
सुखनिधि रसनिधि रूपनिधि, वृंदाविपिन उदार।
शारद नारद शेष शिव, वर्णनत विधि श्रुति चार॥
- श्री ब्रजवासीदास, ब्रज विलास
सुखनिधि रसनिधि रूपनिधि, वृन्दाविपिन उदार। शरद नारद शेष शिव, वर्णन विधि श्रुति चर.. - श्री ब्रजवासीदास, ब्रजविलास