डोलत बोलत राधिका राधिका

Braj Vinoda — श्री लाल बलबीर

Verse 2 of 3

(सवैया) डोलत बोलत राधिका राधिका, राधा राटौ सुख होय अगाधा। [1] सोवत जागत राधिका राधिका, राधिका नाम सबै सुख साधा॥ [2] लेतहु देतहु राधिका राधिका, तौ 'बलबीर' टरै जग बाधा। [3] होय अनन्द अगाधा तबै, दिन रैन कहौ मुख राधा श्रीराधा॥ [4] - श्री लाल बलबीर जी, ब्रज विनोद, राधा शतक (73) (सवैया) दोलत बोलत राधिका राधिका, राधा रटौ सुख होय अगधा। [1] सोवत जगत राधिका राधिका, नाम राधिका सर्व सुख सदा। [2] लेथु गिवेथु राधिका राधिका, ताऊ 'बलबीर' तरै जगत बाधा। [3] होय आनंद अगाध तबै, दीन रैन कहौ मुख राधा श्री राधा.. [4] - श्री लाल बलबीर जी, ब्रज विनोद, राधा शतक (73)
डोलत बोलत राधिका राधिकाराधा गुन गावैं तहाँ दौर दौर जाओ प्यारे