मूरत नैंनन में रमै

Dohavali Nnd — श्री नागरीदास

Verse 1 of 4

भजन भजन सव कोऊ कहै, मारग लगनौ दूर। इन्द्री तन गुन भजन के, जव मिल वैगौ चूर ॥ - श्री नेह नागरीदास, श्री नेह नागरीदास जी की वाणी, दोहावली (29) भजन भजन सव क्वो खाय, मार्ग लग्नौ दूर। इंद्री तन गुन भजन के, जाव मिल वागो चूर.. - श्री नेह नागरीदास, श्री नेह नागरीदास जी की वाणी, दोहावली (29)
मूरत नैंनन में रमै