मूरत नैंनन में रमै

Dohavali Nnd — श्री नागरीदास

Verse 2 of 4

जब लग सहज न बदलई, फुरै न जहाँ-तहाँ भाव। पंथ पावनौ कठिन है, कीन्हे कहा बनाव॥ - श्री नेह नागरीदास, श्री नेह नागरीदास जी की वाणी,दोहावली (1) जब भावनाएँ आसानी से नहीं बदलतीं, तो भावनाएँ चलती नहीं हैं। पंथ कहां हैं, कहां बनाएं.. - श्री नेह नागरीदास जी की वाणी, दोहावली (1)
मूरत नैंनन में रमैमूरत नैंनन में रमै