परम प्राण धन कुंज में करत विहार विशाल
Hari Lila — श्री प्रिया सखी (श्री ब्रह्म गोपाल गोस्वामी)
Verse 6 of 6
विहरत कुंज कुटीर दोऊ, श्री जमुना रस तीर।
नित्य विहार गंभीर गति, सुरति जुद्ध बलवीर॥
- श्री प्रिया सखी (श्री ब्रह्म गोपाल गोस्वामी), श्री हरि लीला (2)
विहार कुंज कुटीर युगल, श्री जमुना रस तीर। नित्य विहार ज्ञानिर गति, सुरति जुड बलवीर.. - श्री प्रिया सखी (श्री ब्रह्मा गोपाल गोस्वामी), श्री हरि लीला (2)