मोसों हँसि हो लाडिली हौं हँसिंहों तेहि सँग

Hriday Sarvasva — श्री वंशी अलि

Verse 24 of 31

राधा पलिका पौढ़ि है, बैठि पलोटों पाइ। अँसुवनि धारा छाड़ि हौं, राधा के गुण गाइ॥ - श्री वंशी अलि, हृदय सर्वस्व (41) राधा पालिका एक पौधा है, पंक्ति में बैठा हुआ। The voice remained speechless, I sang the praises of Radha.. - Shri Vanshi Ali, Heart is everything (41)
मोसों हँसि हो लाडिली हौं हँसिंहों तेहि सँगमोसों हँसि हो लाडिली हौं हँसिंहों तेहि सँग