मोसों हँसि हो लाडिली हौं हँसिंहों तेहि सँग

Hriday Sarvasva — श्री वंशी अलि

Verse 29 of 31

श्री राधा मेरे प्रान धन, राधा जीवन आहि। गोरी मूरत नयन में, रही सो मम अवगाहि॥ - श्री वंशी अलि, हृदय सर्वस्व (27) श्री राधा ही मेरे प्राण और धन हैं, राधा ही मेरी जान हैं। गोरी मूरत नयन मन, रहे सो मम अवगहि.. - श्री वंशी अली, हृदय ही सब कुछ है (27)
मोसों हँसि हो लाडिली हौं हँसिंहों तेहि सँगमोसों हँसि हो लाडिली हौं हँसिंहों तेहि सँग