मोसों हँसि हो लाडिली हौं हँसिंहों तेहि सँग

Hriday Sarvasva — श्री वंशी अलि

Verse 3 of 31

गहि गहि राधा कर कमल, झूमक नाचौं नाच। राधा के पद कमल गहि, अखियन लाऊँ साँच॥ - श्री वंशी अलि, हृदय सर्वस्व (37) गहि गहि राधा, कमल नृत्य, झुमका नृत्य। राधा के चरण कमल के फूलों से भरे हुए थे, उसने अपने बालों को गूंथ रखा था... - श्री वंशी अली, हृदय ही सब कुछ है (37)
मोसों हँसि हो लाडिली हौं हँसिंहों तेहि सँगमोसों हँसि हो लाडिली हौं हँसिंहों तेहि सँग