परसाद विहारिनि रानी कौ
Lalit Kishori Vani — श्री ललित किशोरी देव
Verse 12 of 35
महा सुख प्रिया नाम आधार। [1]
अति आनंद रूप निधि रस निधि सकल सार को सार॥ [2]
जाको रसना भूलि हूँ निकसे होइ प्रिया उरहार। [3]
श्रीललित रसिकवर की निजु जीवनि अद्भुत नित्य बिहार॥ [4]
- श्री ललित किशोरी देव, श्री ललित किशोरी देव जू की वाणी, सिद्धांत के पद (95)
महासुख प्रिया नाम आधार। [1] अति आनंद रूप निधि रस निधि सकल सर को सर.. [2] जाको रसना भूलि हुन निकासे होई प्रिय उरहर। [3] श्री ललित रसिकवर की व्यक्तिगत जीवनी अद्भुत नित्य बिहार.. [4] - श्री ललित किशोरी देव, श्री ललित किशोरी देव जू के शब्द, सिद्धांत (95)