अंवर कंवर जौ जुरै रुखौउ उत्तम भोग
Nem Battisi — श्री हित दामोदर दास
Verse 1 of 13
अन्न धन भंडार भर दे सोने को ठाउँ।
श्री वृन्दावन छांड़ि कै अनत न कित हूँ जाउँ॥
- श्री हित दामोदर दास, नेम बत्तीसी (12)
अपना अन्न और धन का भण्डार भर लो और फिर सो जाओ। श्री वृन्दावन छन्दै कै अनत न कित हुन जौं.. - श्री हित दामोदर दास, नाम बत्तीसी (12)