अंवर कंवर जौ जुरै रुखौउ उत्तम भोग

Nem Battisi — श्री हित दामोदर दास

Verse 12 of 13

वासी की आसा करौ, वासी हाथ विकाऊं। श्री वृन्दावन छाड़ि कै, अनत न कित हूँ जाऊँ॥ - श्री हित दामोदर दास, नेम बत्तीसी (6) निवासी की आशा का निर्माण करें, निवासी के हाथों का विकास करें। श्री वृन्दावन छाड़ै कै, अनत न कित हुन जौं.. - श्री हित दामोदर दास, नाम बत्तीसी (6)
अंवर कंवर जौ जुरै रुखौउ उत्तम भोगअंवर कंवर जौ जुरै रुखौउ उत्तम भोग