अंवर कंवर जौ जुरै रुखौउ उत्तम भोग
Nem Battisi — श्री हित दामोदर दास
Verse 7 of 13
मारौ मोहि तारौ कोउ, सब दुतकारहु गाऊं।
श्री वृंदावन छांड़ि कै, अनत न कित हूँ जाऊँ॥
- श्री हित दामोदर दास, नेम बत्तीसी (14)
मैं सबको मार डालूँगा, सब चिल्ला उठेंगे। श्री वृन्दावन चंडी कै, अनत न कित हुन जौं.. - श्री हित दामोदर दास, नाम बत्तीसी (14)