अंवर कंवर जौ जुरै रुखौउ उत्तम भोग

Nem Battisi — श्री हित दामोदर दास

Verse 8 of 13

नेह तजौ घर की घरन, सेवक छाड़ौ पास। श्री वृंदावन छांड़ि कै, अनत करौ नहीं वास॥ - श्री हित दामोदर दास, नेम बत्तीसी (15) मुझे घर की परवाह नहीं, नौकर मेरे पास आये। श्री वृन्दावन छन्दि कै, अनत करो नहिं वस.. - श्री हित दामोदर दास, नाम बत्तीसी (15)
अंवर कंवर जौ जुरै रुखौउ उत्तम भोगअंवर कंवर जौ जुरै रुखौउ उत्तम भोग