भुजा परस्पर अंश दे

Nikunj Keli Madhuri — श्री अली माधुरी

Verse 1 of 34

अली मधुरी की सुनौ, करुणा श्यामा जोय। चरण कमल देखै बिना, कल न परै छिन मोय॥ - श्री अली मधुरी जी, श्री निकुंज केली मधुरी, श्री राधा करुणावली (1) अलि माधुरी की सुनौ, करुणा श्यामा जोय। चरण कमलों के दर्शन के बिना, कल कोई पराया मेरा जीवन नहीं छीनेगा.. - श्री अली माधुरी जी, श्री निकुंज केली माधुरी, श्री राधा करुणावली (1)
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