भुजा परस्पर अंश दे

Nikunj Keli Madhuri — श्री अली माधुरी

Verse 19 of 34

सर्वोपर यह दिव्य वपु, श्री वृंदावन धाम। श्यामा श्याम विहार थल, रसिक जनन विश्राम॥ - श्री अली माधुरी जी, श्री निकुंज केलि माधुरी, रासोत्सव लीला (24) सर्वोपरि: दिव्य वपु, श्री वृन्दावन धाम। श्यामा श्याम विहार थल, रसिक जनन विश्राम.. - श्री अली माधुरी जी, श्री निकुंज केलि माधुरी, रसोत्सव लीला (24)
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