भुजा परस्पर अंश दे
Nikunj Keli Madhuri — श्री अली माधुरी
Verse 21 of 34
श्याम रूप श्रीराधिका, राधा श्याम स्वरूप।
दरशन को ये दोय हैं, एकै रूप अनूप॥
- श्री अली माधुरी जी, श्री निकुंज केलि माधुरी
श्याम रूप श्री राधिका, राधा श्याम स्वरूप। ये तत्वज्ञान की देन है, ये अनोखा रूप है.. - श्री अली माधुरी जी, श्री निकुंज केली माधुरी