भुजा परस्पर अंश दे
Nikunj Keli Madhuri — श्री अली माधुरी
Verse 7 of 34
जो अपने औगुन कहौं, पाऊँ ओर न छोर।
अन्तर की जानौ सबै, स्यामा कहौ निहोर॥
- श्री अली माधुरी जी, श्री निकुंज केलि माधुरी, श्री राधा करुणावली (8)
जिसे भी मैं अपना कहता हूं, चाहे वह चौथाई हो या अंत। अंतर की जनौ सबै, स्यामा कहौ निहोर.. - श्री अली माधुरी जी, श्री निकुंज केली माधुरी, श्री राधा करुणावली (8)