कहूँ लकुट कहुँ मुरलिका पीताम्बर सुधि नाहिं

Priti Lata — श्री ब्रजनिधि

Verse 1 of 11

अलबेली राधा जहां, झमकि धरति है पाय। रसिक सिरोमनि श्याम तहँ, देत सु कुसुम बिछाय॥ - श्री ब्रजनिधि जी, ब्रजनिधि ग्रंथावली, प्रीति लता (66) अलबेली राधा जहाँ, झमाकी धरती है प. रसिक सिरोमनि श्याम तहाँ, देत सु कुसुम बिछाय.. - श्री ब्रजनिधि जी, ब्रजनिधि ग्रंथावली, प्रीति लता (66)
कहूँ लकुट कहुँ मुरलिका पीताम्बर सुधि नाहिं