कहूँ लकुट कहुँ मुरलिका पीताम्बर सुधि नाहिं

Priti Lata — श्री ब्रजनिधि

Verse 2 of 11

चाह चटपटी मिलन की, लाल भए बहाल। बंसी में रटिबो करैं, राधा राधा बाल॥ - श्री ब्रजनिधि जी, ब्रजनिधि ग्रंथावली, प्रीति लता (60) एक मसालेदार मुठभेड़ चाहते हैं, तो यह लाल है तो ठीक है। बांसी में रतिबौ करूंगी, राधा राधा बाल.. -श्री ब्रजनिधि जी, ब्रजनिधि ग्रंथावली, प्रीति लता (60)
कहूँ लकुट कहुँ मुरलिका पीताम्बर सुधि नाहिंकहूँ लकुट कहुँ मुरलिका पीताम्बर सुधि नाहिं