अलं विषय वार्तया नरक कोटि वीभत्सया

Radha Sudha Nidhi — श्री हित हरिवंश महाप्रभु

Verse 124 of 124

अलं विषय वार्तया नरक कोटि वीभत्सया, वृथा श्रुति कथाश्रमो बत विभेमि कैवल्यतः। परेश-भजनोन्मदा यदि शुकादयः किं ततः, परंतु मम राधिका पदरसे मनो मज्जतु॥ - मुरली अवतार श्री हित हरिवंश महाप्रभु - श्री राधा सुधा निधि (83) एलन विषय वर्तया नरक कोटि वीभत्सय, व्रत श्रुति कथाश्रमो बत् विभेमि कैवल्यथ। परेषा-भजनोन्मदा यदि शुकदायः की तथा, परों मम राधिका पदारसे मनो मज्जतु.. - मुरली अवतार श्री हित हरिवंश महाप्रभु - श्री राधा सुधा निधि (83)
लोग कुटुम सुख अर्थ अनन्तहि