प्रेमामृत रसानन्द मकरन्दौघ वर्षिणीम्।

Radha Sudha Nidhi — श्री हित हरिवंश महाप्रभु

Verse 27 of 124

प्रेमामृत रसानन्द मकरन्दौघ वर्षिणीम्। कदा पादारविन्देहं विन्दे दास्यं तवेश्वरी॥ - श्री हित कृष्ण चंद्र, श्री राधा उपसुधा निधि (29) प्रेमामृत रसानन्द मकरन्दौघ वर्षिणीम्। कदा पादारविंदेहं विन्दे दास्यं तवेश्वरी.. - श्री हित कृष्ण चन्द्र, श्री राधा उपसुधा निधि (29)
लोग कुटुम सुख अर्थ अनन्तहिभूत्वाति सुकुमाराङ्गी किशोरी गोप कन्यका।