सर्व मर्य्यादयातीत सर्वेशाधिक वैभवे।

Radha Sudha Nidhi — श्री हित हरिवंश महाप्रभु

Verse 50 of 124

सर्व मर्य्यादयातीत सर्वेशाधिक वैभवे। किमशक्यं तवाप्यस्ति नमस्तुभ्यं नमो नमः॥ - श्री हित कृष्ण चंद्र, श्री राधा उपसुधा निधि (68) वह सभी सीमाओं से परे परम महिमामय है। किमाशाकिं तवाप्यस्ति नमस्तुभ्यं नमो नमः.. - श्री हित कृष्ण चन्द्र, श्री राधा उपसुधा निधि (68)
राधे त्वद्दास्य पदवी सर्व भक्तश्च दुर्गमा।लोग कुटुम सुख अर्थ अनन्तहि