अति अलवेली भाँति सौं लई मुरलिका हाथ
Radhika Maharasa — श्री वंशी अलि
Verse 1 of 6
अति अलवेली भाँति सौं, लई मुरलिका हाथ।
थिर चर सब वृन्दा विपिन, किये सबनि मन साथ॥
- श्री वंशी अलि, श्री राधिका महारास, दोहा (5)
मुरलिका के हाथ से, कई अल्वेलिस जैसे सैकड़ों। सुर चार सब वृंदा विपीन, किये सबनि मन साथ.. - श्री वंशी अली, श्री राधिका महारस, दोहा (5)