रसिक शिरोमनि सांवरो गौरी अद्भुत रूप
Rasik Mnjari — श्री रूपरसिक देवाचार्य
Verse 3 of 5
नित नव दूलह-दुलहिनी, सुंदर सहज सुदेश।
वदन जोति पर वारिये, कोटि कोटि राकेश॥
- श्री रूपरसिक देवाचार्य, रसिक मंजरी (3)
हर नए दूल्हे और दुल्हन के लिए सुंदर सरल सलाह। वदन जोति पर वारिये, कोटि कोटि राकेश.. - श्री रूपरासिक देवाचार्य, रसिक मंजरी (3)