जय जय श्री ललिता ललित

Shri Lalita Mngala — श्री वंशी अलि

Verse 5 of 5

सब तत्वनि कौ सार जो, जुगल विहार है। ताहू कौ पर सार, कीरती सकुँवार है॥ - श्री वंशी अलि, श्री ललिता मंगल (18) जो सभी तत्वों का सार है, जुगल विहार। ताहु कौ पार सर, कीर्ति सकुंवर है.. - श्री वंशी अली, श्री ललिता मंगल (18)
जय जय श्री ललिता ललित