चलु मन श्री वृन्दावन ओर

Snket Lata — श्री संकेत अली

Verse 1 of 9

बंशीअलि हरिदास जी, हित हरिबंश समेत। वंदि चरण रज धारी शिर, प्रणत अलीसंकेत॥ - श्री संकेत अली, संकेत लता (5) बंशियाली हरिदास जी, हित हरिबंश समेट। वंदी चरण राज धारी शिर, प्रणत अली संकेत.. - श्री संकेत अली, संकेत लता (5)
चलु मन श्री वृन्दावन ओर