चलु मन श्री वृन्दावन ओर

Snket Lata — श्री संकेत अली

Verse 2 of 9

चलु मन श्री वृन्दावन ओर। अनुपम धाम कामना पूरण, विहरत युगल किशोर॥ [1] षट् ऋतु रहत प्रत्यक्ष स्वच्छ जल, यमुना लेत हिलोर। प्रफुलित लता पता मृदु फल युत, खग ध्वनि नाचत मोर॥ [2] - श्री संकेत अली, संकेत लता आइये श्री वृन्दावन चलें। अनुपम धाम कामना पुराण, विहारत युगल किशोर। [1] ऋतु में जल निर्मल रहता है, लहरों में लहराती रहती है यमुना। हर्षित लता पता मृद्ध फल युत, खग ध्वनि नाचता मोर.. [2] - श्री संकेत अली, संकेत लता
चलु मन श्री वृन्दावन ओरचलु मन श्री वृन्दावन ओर