गौर देत नित सर्व सुख श्याम रूप ह्वै लेत
Sudharm Bodhini — श्री लाड़लीदास
Verse 1 of 5
बल्लभ हू के गुरु सदा, श्री राधा निजु प्राण।
राधा बल्लभ कौ सदा, सकल सुखन की दान॥
- श्री लाड़लीदास, सुधर्म बोधिनी (3.27)
वल्लभ की गुरु श्री राधा ही सदा मेरी प्राण हैं। राधा बल्लभ कौ सदा, सकल सुख दान.. - श्री लाडली दास, सुधर्मा बोधिनी (3.27)