सुधर्म बोधिनी

Sudharm Bodhini

श्री लाड़लीदास · 5 verses · Braj

  1. 1. गौर देत नित सर्व सुख श्याम रूप ह्वै लेत
  2. 2. गौर देत नित सर्व सुख श्याम रूप ह्वै लेत
  3. 3. गौर देत नित सर्व सुख श्याम रूप ह्वै लेत
  4. 4. गौर देत नित सर्व सुख श्याम रूप ह्वै लेत
  5. 5. गौर देत नित सर्व सुख श्याम रूप ह्वै लेत