उरज उतंग अति भरित भरे से अंग
Vallabh Rasik Vani — श्री वल्लभ रसिक
Verse 5 of 5
यद्यपि दोउन की लगन, सब मिलि कहैं समान।
पै प्यारी महबूब है, आशिक प्यारो जान॥
- श्री वल्लभ रसिक, श्री वल्लभ रसिक जी की वाणी (105)
हालाँकि दून का समर्पण, सभी चीजें समान हैं। पा प्यारा प्रेमी है, प्यारा प्रेमी है.. - श्री वल्लभ रसिक, श्री वल्लभ रसिक जी के शब्द (105)