श्री वृंदावन योगपीठ गोविंद निवासा

Van Jan Prashnsa —

Verse 4 of 5

श्री वृंदावन योगपीठ गोविंद निवासा। तहाँ (श्री) गदाधर चरन सरन सेवा की आसा॥ - श्री गदाधर भट्ट, श्री गदाधर भट्ट जी की वाणी, योग पीठ (54) श्री वृन्दावन योगपीठ गोविंद निवास। वहाँ (श्री) गदाधर चरण सेवा का आश्रय हैं.. - श्री गदाधर भट्ट, श्री गदाधर भट्ट जी का भाषण, योग पीठ (54)
श्री वृंदावन योगपीठ गोविंद निवासाभक्ति प्रेम जोगी कहें