आय कुँवर ठाड़े भये नवल कुंवरि के संग
Vnshivat Madhuri — श्री माधुरी दास
Verse 12 of 12
वंशीवट तट निकट भूमि शोभित हरियारी।
निशिवासर इक संग सदा विहरहिं पिय-प्यारी॥
- श्री माधुरी दास, वंशीवट माधुरी (3)
वंशीवट के निकट की भूमि हरियाली से सुशोभित है। निशिवासर सदैव किसी प्रियजन के साथ यात्रा करता है.. - श्री माधुरी दास, वंशीवट माधुरी (3)