आय कुँवर ठाड़े भये नवल कुंवरि के संग

Vnshivat Madhuri — श्री माधुरी दास

Verse 11 of 12

वंशीवट की माधुरी, जो कहिये कछु बैन। नैनन रसना कीजिये, रसना कीजै नैन॥ - श्री माधुरी दास, वंशीवट माधुरी (230) वंशीवट की माधुरी, जो कहो कछुआ बन जाओ। आँखों को चमकने दो, आँखों को चमकने दो.. - श्री माधुरी दास, वंशीवट माधुरी (230)
आय कुँवर ठाड़े भये नवल कुंवरि के संगआय कुँवर ठाड़े भये नवल कुंवरि के संग