यदैव सच्चिद्रसरूप

Vrindavan Mahimamrita — श्री प्रबोधानन्द सरस्वती

Verse 104 of 124

वृन्दावने नन्दित कृष्णचन्द्र निस्तन्द्र कन्दर्पविलास वृन्दे। श्रीराधिकापादसरोज भृंगी संगीतमभास्यतु मे मनीषा॥ - श्री प्रबोधानन्द सरस्वती, वृन्दावन महिमामृत (14.14) वृन्दावन नन्दिता कृष्णचन्द्र निस्तन्द्र कन्दर्पविलास वृन्दे। श्रीराधिकापादसरोजा भृंगी संगीतं भाष्यतु में मनीषा.. - श्री प्रबोधानंद सरस्वती, वृन्दावन महिमामृत (14.14)
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