धन धन वृन्दावन जमुना जल पानी
Vrindavan Rahasy Vinoda — श्री अभयराम
Verse 1 of 20
धन धन वृन्दावन गोपेश्वर बाबा।
वंशीवट में बैठक कीनी, कुतवाली कौ दावा॥ [1]
जो कोऊ सेवा करै पहुँच के, बाके विघन मिटावा।
‘अभयराम’ वह भोरो भोला, गहरी रिद्धि बढ़ावा॥ [2]
- श्री अभयराम, वृंदावन रहस्य विनोद (07)
धन धन वृन्दावन गोपेश्वर बाबा। वंशीवट में सभा किसने की, कुतिया होने का दावा कौन करता है.. [1] जो कुँए की सेवा करते हैं, वहाँ पहुँचकर कोई बाधा नहीं होती। 'अभयराम' वाह भोरो भोला, गहारी रिद्धि बधवा.. [2] - श्री अभयराम, वृन्दावन रहस्य विनोद (07)