इन्द्र-मद-मर्दन दुर्ग

Vrindavan Shataka — श्री लाल बलबीर

Verse 5 of 10

मेरी टेर सुनो सुकुमारी। [1] अखिल लोक चूड़ामणि सुन्दर मनमोहन की प्यारी॥ [2] परम उदार दयानिधि नागरि दीनन ओर निहारी। [3] दासी जानि कीजिये स्वामिनि महल टहल अधिकारी॥ [4] - श्री लाल बलबीर, वृन्दावन शतक (53) मेरी बात सुनो सुकुमारी. [1] अखिल लोक चूड़ामणि सुन्दर, मनमोहन के प्रिय। [2] परम उदार दयानिधि नागर दिनन या निहारी। [3] दासी, स्वामिनी, राजमहल अधिकारी को जन्म दो.. [4] - श्री लाल बलबीर, वृन्दावन शतक (53)
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