बडौ रास मंडल इहां सेवित हित हरिवंश
Vrindavan Smarana — श्री हित रूप लाल
Verse 7 of 7
व्रज वीथिन दै सोहनी, व्रजवासिन सौं हेत।
कृपा होय श्रीराधिका, तव निकुञ्ज रस देत॥
- श्री हित रूप लाल, श्री वृंदावन स्मरण (40)
व्रज भीतर दै सोहनी, व्रजवासिन सौं हेत। श्रीराधिका कृपा करो, निकुंज रस पिलाओ.. - श्री हित रूप लाल, श्री वृन्दावन स्मरण (40)