बडौ रास मंडल इहां सेवित हित हरिवंश
Vrindavan Smarana — श्री हित रूप लाल
Verse 6 of 7
श्रीजमुना जी वा पार है, मान सरोवर स्वक्ष।
गंगा जमुना कौ भयौ, संगम इहां प्रतक्ष॥
- श्री हित रूप लाल, श्री वृंदावन स्मरण (87)
श्री जमुना जी पार हैं, मन का सरोवर है। गंगा-जमुना से कौन डरे, संगम तो यहीं दिखता है.. - श्री हित रूप लाल, श्री वृन्दावन स्मरण (87)