खरौ-खरौ सब लेत हैं परखि पारखू सार
Vyas Vani — श्री हरिराम व्यास
Verse 116 of 139
कोटि कोटि एकादशी, महाप्रसाद कौ अंश।
व्यासहि यह परतीती है, जिनके गुरु हरिवंश॥
- श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (26)
कोटि कोटि एकादशी, महाप्रसाद कौ अंश। व्याससी प्रस्तुत करते हैं, जिनके गुरु हैं हरिवंश.. - श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (26)