खरौ-खरौ सब लेत हैं परखि पारखू सार
Vyas Vani — श्री हरिराम व्यास
Verse 20 of 139
आदि अंत अरु मध्य में, यह रसिकन की रीति।
संत सबै गुरुदेव हैं, व्यासहि यह परतीति॥
- श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, साखी (24)
यह रसिकन का, आदि और अंत का और पागलपन का तरीका है। संत सर्व गुरुदेव, व्यासहि यः परतति.. - श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, साखी (24)