खरौ-खरौ सब लेत हैं परखि पारखू सार
Vyas Vani — श्री हरिराम व्यास
Verse 45 of 139
व्यास विवेकी संत जन, कहनी रहनी में एक।
कहनि कहैं करनी करैं, ज्यौं पाथर की रेख॥
- श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (54)
कथा में व्यास विवेकी एक संत हैं। पत्थर की लकीर जैसी कहानी के बारे में क्या कहें.. - श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत मित्र (54)