खरौ-खरौ सब लेत हैं परखि पारखू सार
Vyas Vani — श्री हरिराम व्यास
Verse 44 of 139
व्यास बड़े हरिके जना, जिनकौ हरि सौ मित्त।
निसिदिन ते माते रहैं , सदा प्रफुल्लित चित्त॥
- श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (58)
व्यास को महान हरि कहा जाता है, जिनके हरि सौ मील दूर हैं। अपने विचारों से सदैव प्रसन्न रहें.. - श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत मित्र (58)