खरौ-खरौ सब लेत हैं परखि पारखू सार
Vyas Vani — श्री हरिराम व्यास
Verse 54 of 139
जिनके मुख गोपालजी, पावन हरि गुन गीत।
तिनकौ जुग जुग जानियौ, व्यासदास के मीत॥
- श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (66)
जिनके मुख गोपालजी, पवन हरि गुन गीत। तिनकौ जुग जुग जनियौ, व्यासदास की मिट.. - श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (66)